हर घर नल से जल को 'नई रफ्तार', प्रदेश और केंद्र के बीच जल जीवन मिशन 2.0 पर समझौता; जानें अपडेट

हर घर नल से जल को 'नई रफ्तार', प्रदेश और केंद्र के बीच जल जीवन मिशन 2.0 पर समझौता; जानें अपडेट

Jal Jeevan Mission 2.0

Jal Jeevan Mission 2.0

लखनऊ। Jal Jeevan Mission 2.0: प्रदेश में हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए किए जा रहे कार्यों काे जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 से रफ्तार मिलेगी। बुधवार को जेजेएम 2.0 के तहत केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दौरान वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समझौते से जलापूर्ति योजनाओं को और बेहतर योजना, समयबद्धता और परिणामों के साथ लागू किया जा सकेगा। इसका सीधा लाभ ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल के रूप में मिलेगा।

हाल ही में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाते हुए, इसे जेजेएम 2.0 के रूप में लागू करने की मंजूरी दी है। योजना पर कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें डिजिटल निगरानी, ग्राम पंचायत की भागीदारी और जल आपूर्ति की टिकाऊ व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाएगा।

समझौते के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का संकल्प अब तेजी से साकार हो रहा है। बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों में आज घर-घर नल से जल पहुंच रहा है। दूषित पानी से प्रभावित क्षेत्रों में हालात सुधरे हैं, विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी समस्या पर नियंत्रण में स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की अहम भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि गांवों में जलापूर्ति के साथ अनुरक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पाटिल ने कहा कि मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। सभी परियोजनाएं टिकाऊ और दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू की जाएं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आदि उपस्थित रहे।

नल से जल कनेक्शन देने में अव्वल है यूपी

जलशक्ति मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत देश में सबसे अधिक नल से जल कनेक्शन देने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है। प्रदेश में 2.43 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जलापूर्ति हो रही है। विंध्य-बुंदेलखंड क्षेत्र में 95 प्रतिशत से अधिक घरों में नल से आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश में 5,18,886 किलोमीटर की वाटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, वहीं 20,263 ओवरहेड टैंक लगाए जा चुके हैं और 19,930 ओवरहेड टैंक निर्माणाधीन हैं।